हाशिये पर पैदल यात्री
भारत में ३०% लोग रोज़ किसी न किसी वजह से पैदल चलते हैं, यूँ तो सड़कों पर पहला अधिकार पद यात्रिओं का है लेकिन धरातल पर यह सिर्फ जुमला ही नज़र आता है। लोग आज भी फुटपाथ के आभाव में अपनी जान जोखिम में डाल कर चलने को मजबूर हैं। कोई किसी मज़बूरी में अपनी दुकानें फुटपाथ लगाता है तो कोई गाड़ियां पार्क कर देता है इन सब के बिच पैदल यात्री हीं और वंचित होता है। वाहन चालक अक्सर अपनी धौंस पैदल चलने वाले लोगों पर ही दिखते हैं ।
- बुद्धा पदयात्री फ़ोरम , बोधगया

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