सुविधा के नाम पर " बोधगया में का बा " ........ ?
सुविधा के नाम पर " बोधगया में का बा " ........ ?
बोधगया में फूटपाथ पर गाडियाँ और सड़कों पर पैदल चलने वाले,
बोधगया अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन का जमघट है पर ....,
सुविधाओं के नाम पर बोधगया में क्या है ....?
फूटपाथ टूटी फूटी हैं ,
सड़कों के समान स्तर के होने की वजह से फूटपाथ की उपयोगिता पैदल यात्रियों के लिए नहीं हो पति हैं, गाड़ियों का जमघट फूटपथ पर ही होता है , ना कोई गार्ड रेल ना बोलार्ड्स लगे हैं , ज़ेबरा क्रॉसिंग भी एक दो जगहों पर ही है , पेय जल , बैठने की जगह का अभाव , पर्याप्त हरियाली और छाया की कमी है, सड़कों पर रात के समय रौशनी की व्यवस्था नहीं है , कूड़ेदान की पर्याप्त और उचित व्यवस्था नहीं होने की वजह से इधर उधर गंदगी फैली रहती है , शौचालय और मूत्रालय की व्यवस्था सिर्फ मुख्य मंदिर के पास है । जगह जगह पर इसकी कमी है जिससे लोगों और खासकर महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है , यह कमी बोधगया को स्वच्छ रखने में भी बाधा उत्पन्न करती है । वेंडर जोन नहीं होने के कारण लोग पूरा फूटपथ दूकानदारी के लिए घेर लेते हैं , यह स्थिति बोधगया की सुंदरता खराब करती है और पैदल चलने वालों के लिए बाधा की तरह है । साइकल लेन नहीं है जो लोगों को साइकल चलाने के लिए प्रेरित कर सके इसके और पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण से मुक्ति में बाधा है।
कुल मिलाकर बोधगया इतना महत्वपूर्ण होने के बाद भी उपेक्षाओं का दंश झेल रहा है.....,

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